कार्यक्रम में उपस्थित एडीपीओ प्रवीण राणे ने बच्चों को ‘गुड टच और बेड टच’ के अंतर को समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि अपराध कहाँ-कहाँ और किस तरह से घटित हो सकते हैं, ताकि बच्चे सतर्क रह सकें।
इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार प्रजापति और समस्त स्टाफ सदस्यों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक अनिल आर्य ने किया, जबकि आभार प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार प्रजापति ने व्यक्त किया। शिविर के समापन के बाद न्यायाधीश ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शाला परिसर में गूलर और कदम के पौधे रोपे। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
झारड़ा। (एस के पत्रकार)गांव झारड़ा में गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में बच्चों को कानून, सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित व्यवहार न्यायाधीश एकाग्र चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी भी बच्चे के साथ कोई आपराधिक घटना घटित होती है, तो उन्हें बिना किसी डर के इसकी जानकारी अपने परिवार के सदस्यों, शिक्षकों या दोस्तों को देनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को पाक्सो एक्ट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।








