युवती के साथ बहस देख शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, रिछाई इलाके में रहने वाला 45 साल का मजदूर रंजीत कोल अपने भाई रवि के साथ घर के पास ही स्थित पहाड़ी के नजदीक बने तालाब में मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान वहां कुछ युवक एक युवती के साथ किसी बात को लेकर बहस कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद शुभम दुबे, रचित भारद्वाज, आकाश पासी और शिब्बू ठाकुर नाम के युवक उस लड़की से उलझे हुए थे। रंजीत और उसके भाई ने जब इस हंगामे को देखा तो वे सामान्य रूप से अपनी गतिविधि में लगे रहे, लेकिन आरोपियों को लगा कि उनकी हरकत का वीडियो बनाया जा रहा है।
मोबाइल पटककर किया विरोध
जैसे ही रंजीत ने अपना मोबाइल निकाला, तो आरोपियों ने भड़कते हुए उस पर वीडियो बनाने का झूठा आरोप लगा दिया और जबरन उसका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। जब रंजीत और उसके भाई ने इस बदसलूकी का विरोध किया, तो आरोपी गुस्से से आगबबूला हो गए और उन्होंने रंजीत को दबोच लिया। इसके बाद आरोपियों ने धारदार चाकू से उसके पेट, पसली, कमर, जांघ और शरीर के दूसरे हिस्सों पर कई गंभीर वार कर दिए, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस दौरान उसे जातिसूचक गालियां दी और जमकर अभद्रता भी की।
भाई पर भी झपटे आरोपी
भाई पर हमला होता देख जब रवि बीच-बचाव करने आगे आया, तो मुख्य आरोपी शुभम हाथ में चाकू लेकर उसकी तरफ भी झपटा, लेकिन गनीमत रही कि रवि किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब हो गया। इसी बीच आरोपियों के दो अन्य साथी भी वहां पहुंच गए और उन्होंने मिलकर घायल रंजीत के साथ जमकर मारपीट की। जब खून अधिक बहने की वजह से रंजीत मौके पर ही बेहोश हो गया, तो आरोपी घबराकर उसे खुद ही अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों के सामने धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे और इसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज
जैसे ही इस मामले की आधिकारिक शिकायत रांझी थाना पुलिस तक पहुंची, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चारों नामजद आरोपियों समेत अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि घायल मजदूर का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, पुलिस अलग-अलग टीम बनाकर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है ताकि जल्द से जल्द सभी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।








